एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक के विरोध में किया प्रदर्शन।
संवाददाता/चन्द्र मोहन गुप्ता
अलवर । एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने आज 1 सोमवार को नंगली सर्किल पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की शव यात्रा निकालकर पुतला दहन कर नीट पेपर लीक मामले को न लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एनटीए को बैन करने और शिक्षा मंत्री से इस्तीफे प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि लगातार पेपर लीक होने से छात्रों का भविष्य खराब हो रहा है और कई छात्र मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या तक कर चुके हैं। एनएसयूआई कार्यकर्ताओ का 1 कहना था कि हमने आज एनटीए और नीट में हुई धांधली के खिलाफ प्रदर्शन किया है। हमारी मांग है कि इस एजेंसी को पूरी तरह बंद किया जाए। पेपर लीक होने के बाद सिर्फ परीक्षा रद्द कर देने से छात्रों का भरोसा वापस नहीं आएगा। आने वाली परीक्षाओं में भी पेपर लीक नहीं होगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है, इसलिए ऐसी एजेंसियों को प्रतिबंधित कर देना चाहिए और शिक्षा मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए।

राजस्थान में कांग्रेस सरकार के समय हुए पेपर लीक को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि चाहे कांग्रेस हो या बीजेपी, जिस भी सरकार के समय पेपर लीक हुए हैं, उस समय के मुख्यमंत्री, मंत्री और जिम्मेदार
लोगों को प्रतिबंधित कर देना चाहिए। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। एनएसयूआई प्रदेश महासचिव विनोद जाटव ने पेपर लीक और परीक्षा में धांधली के कारण डिप्रेशन में आकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को सरकार से मुआवजे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी कर सरकार के प्रति अपना विरोध जताया।
